This article is currently available in Hindi only.
अगर पूरे साल आपने अपनी गाड़ी की पॉलिसी में कोई क्लेम नहीं लिया, तो अगले साल बीमा कंपनी आपको इनाम के रूप में प्रीमियम में छूट देती है। इसी को NCB (No Claim Bonus — बिना क्लेम का बोनस) कहते हैं।
कितनी छूट मिलती है?
भारत में आमतौर पर इस्तेमाल होने वाली स्केल (पुराने मोटर टैरिफ पर आधारित) कुछ इस तरह है। सटीक दर अपनी पॉलिसी में ज़रूर देखें:
| लगातार क्लेम-फ्री साल | सामान्य NCB |
|---|---|
| 1 | 20% |
| 2 | 25% |
| 3 | 35% |
| 4 | 45% |
| 5 या अधिक | 50% |
ध्यान देने वाली बातें
- NCB की छूट सिर्फ Own Damage (अपनी गाड़ी के नुकसान) वाले प्रीमियम पर मिलती है, थर्ड-पार्टी प्रीमियम पर नहीं।
- NCB गाड़ी का नहीं, गाड़ी के मालिक का होता है। गाड़ी बेचकर नई लेने पर आप इसे नई पॉलिसी में ट्रांसफर करवा सकते हैं (आमतौर पर NCB सर्टिफिकेट/पुरानी पॉलिसी चाहिए)।
- Own Damage क्लेम लेने पर अगले साल NCB आमतौर पर शून्य हो जाता है।
- पॉलिसी खत्म होने के बाद ज़्यादा देर (आमतौर पर 90 दिन से अधिक) तक रिन्यू न करने पर NCB का फायदा खत्म हो सकता है।
- NCB प्रोटेक्ट ऐड-ऑन लेने से, उसकी शर्तों के अनुसार, सीमित क्लेम के बाद भी NCB बचा रह सकता है।
छोटा क्लेम लें या नहीं?
अगर रिपेयर का खर्च छोटा है, तो कई बार अपनी जेब से भरना और NCB बचाना सस्ता पड़ता है। फैसला लेने से पहले हिसाब लगाइए — हम इसमें मदद कर सकते हैं।
यह लेख सामान्य जानकारी के लिए है, कोई सलाह या गारंटी नहीं। नियम और प्रोडक्ट की शर्तें बीमा कंपनी और समय के साथ बदल सकती हैं — खरीदने से पहले पॉलिसी वर्डिंग पढ़ें।
लेखक: मोहित गिरि गोस्वामीAuthor: Mohit Giri Goswami · [प्रकाशन तिथि]
लेखक: मोहित गिरि गोस्वामीAuthor: Mohit Giri Goswami · [प्रकाशन तिथि]